चुनाव आयोग ने अभी अपनी प्रेस कॉन्फ़्रेंस का मुद्दा साफ़ नहीं किया है। लेकिन सूत्रों के अनुसार, यह प्रेस कॉन्फ़्रेंस विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों के जवाब में हो सकती है

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ‘वोट चोरी’ के आरोप लगाए हैं। इसी के साथ बिहार में मतदाता सूची की गहरी जांच (स्पेशल रिव्यू) को लेकर विपक्षी दल लगातार विरोध कर रहे हैं।

चुनाव आयोग आमतौर पर सिर्फ़ चुनाव की तारीखें बताने के लिए प्रेस कॉन्फ़्रेंस करता है। बाकी मुद्दों पर प्रेस कॉन्फ़्रेंस करना उसके लिए असामान्य है

चुनाव आयोग ने अभी तक यह नहीं बताया है कि प्रेस कॉन्फ़्रेंस किस विषय पर होगी। लेकिन सूत्रों का कहना है कि यह विपक्ष द्वारा आयोग पर लगाए गए आरोपों से जुड़ी हो सकती है राहुल गांधी ने कई बार चुनाव आयोग पर आरोप लगाया है कि वह वोटों के आंकड़ों में गड़बड़ी करता है।

उन्होंने कहा है कि महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनावों में और कर्नाटक लोकसभा चुनाव में बीजेपी को जिताने के लिए ‘वोट चोरी’ की गई थी। चुनाव आयोग ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से कहा है कि वे उन लोगों के नाम बताएं, जिन पर वे आरोप लगा रहे हैं जिन लोगों के बारे में राहुल गांधी का कहना है कि उन्हें मतदाता सूची में गलत तरीके से जोड़ा गया या हटाया गया है साथ ही चुनाव आयोग ने कहा है कि उन नामों के साथ एक हस्ताक्षरित घोषणा-पत्र भी देना होगा

चुनाव आयोग ने यहां तक कहा है कि अगर लोकसभा में विपक्ष के नेता अपने आरोपों के समर्थन में हस्ताक्षरित शपथ-पत्र नहीं देते हैं तो उन्हें देश को गुमराह करने के लिए माफी मांगनी चाहिए.