प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के तेजी से बढ़ते समुद्री क्षेत्र (Maritime Sector) पर जोर देते हुए कहा कि वर्ष 2025 देश के लिए Maritime Transformation का प्रतीक बन गया है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर कई ट्वीट्स के माध्यम से भारत की नई उपलब्धियों और दृष्टिकोण को साझा किया।
मोदी ने कहा कि,
“भारत का फोकस आज Inclusive Maritime Development पर है। हमें साथ मिलकर Peace, Progress और Prosperity की ओर बढ़ना है और एक Sustainable Future का निर्माण करना है।”
प्रधानमंत्री ने अपने एक अन्य ट्वीट में छत्रपति शिवाजी महाराज के दृष्टिकोण को याद करते हुए कहा कि,
“शिवाजी महाराज ने हमें दिखाया कि समुद्र केवल सीमाएं नहीं, बल्कि अवसरों के द्वार हैं। आज भारत उसी सोच के साथ आगे बढ़ रहा है।”
उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में भारत के Maritime Sector में ऐतिहासिक परिवर्तन आया है। आज देश के बंदरगाह Developing World के सबसे कुशल (Efficient) Ports में गिने जाते हैं। मोदी ने कहा कि यह बदलाव सिर्फ नीतियों का नहीं, बल्कि भारत की वैश्विक पहचान के निर्माण का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2025 में भारत ने Next Generation Reforms को लागू किया है, जिनसे निवेशकों का भरोसा और बढ़ा है। उन्होंने कहा कि यह सुधार भारत को “Global Maritime Power” बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं।
अपने अंतिम ट्वीट में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत का समुद्री क्षेत्र अब नई ऊंचाइयों को छू रहा है और इस वर्ष की उपलब्धियां आने वाले दशकों की दिशा तय करेंगी।
“वर्ष 2025 देश के Maritime Sector के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हुआ है। इस वर्ष हमारी उपलब्धियों के ऐसे कई उल्लेखनीय उदाहरण देखने को मिले हैं…”
प्रधानमंत्री के ये बयान उस समय आए हैं जब मुंबई में India Maritime Week 2025 का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें दुनिया के 85 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस आयोजन के दौरान भारत ने 2.2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की शुरुआत की है, जिससे देश की shipbuilding और port connectivity को नई गति मिलेगी।
