महाराष्ट्र के नासिक जिले के डिंडोरी इलाके में शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के नौ लोगों की मौत हो गई। डारगोडे परिवार के सदस्य जिस कार में सवार थे, वह सड़क किनारे बने पानी से भरे कुएं में गिर गई।
मृतक डिंडोरी तालुका के इंदौर गांव के निवासी थे। जानकारी के अनुसार, सभी लोग एक ट्यूशन ग्रुप के कार्यक्रम में शामिल होकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान शिवाजी नगर के पास उनकी मारुति अर्टिगा (MPV) अनियंत्रित हो गई और सड़क से फिसलकर सीधे कुएं में जा गिरी।
हादसे में चालक सुनील डारगोडे, उनकी पत्नी रेशमा डारगोडे, आशा अनिल डारगोडे और 7 से 14 वर्ष की आयु के छह बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। इतनी बड़ी संख्या में बच्चों की मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
राहत और बचाव कार्य
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। इसके बाद पुलिस, फायर ब्रिगेड, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और स्थानीय आपदा प्रबंधन टीमों ने संयुक्त रूप से बचाव अभियान शुरू किया।
कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद क्रेन और गोताखोरों की मदद से देर रात करीब 12 बजे वाहन को कुएं से बाहर निकाला गया। हालांकि, तब तक सभी नौ लोगों की मौत हो चुकी थी।
जांच शुरू
डिंडोरी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में वाहन के अनियंत्रित होने की बात सामने आ रही है, लेकिन अन्य कारणों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस सड़क की स्थिति, रोशनी और सुरक्षा इंतजामों की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि हादसे के पीछे और कौन-कौन से कारण जिम्मेदार हो सकते हैं।
ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा पर सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के किनारे बने बिना सुरक्षा वाले कुओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे खुले कुएं, जिनके चारों ओर न तो कोई बाउंड्री होती है और न ही चेतावनी संकेत, वाहन चालकों के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे कुओं के आसपास सुरक्षा घेरा, रिफ्लेक्टर और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
गांव में शोक का माहौल
इस हादसे के बाद इंदौर गांव में मातम छा गया है। पूरे परिवार के एक साथ खत्म हो जाने से गांव के लोग गहरे सदमे में हैं। परिजन और ग्रामीण मृतकों को श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि ग्रामीण सड़कों पर सुरक्षा उपायों को मजबूत करना कितना जरूरी है।
प्रशासन ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।