बिहार की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। एक तरफ जहां INDIA महागठबंधन ने अपना मुख्यमंत्री चेहरा और चुनावी घोषणापत्र जारी कर दिया है, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में अब भी नेतृत्व और सीट बंटवारे को लेकर खींचतान जारी है। इसी बीच भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) के अध्यक्ष उदय भानु (Uday Bhanu) ने NDA पर तीखा प्रहार करते हुए कहा है कि “नीतीश कुमार के वनवास की तैयारी चल रही है।”

उदय भानु का बयान बना चर्चा का विषय

IYC अध्यक्ष उदय भानु ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा —

“बिहार में INDIA महागठबंधन की ओर से CM चेहरा से लेकर मेनिफेस्टो सब कुछ घोषित हो चुका है, और वही NDA में आज भी सिर-फुटव्वल चल रहा है… और नीतीश जी के वनवास की तैयारी हो रही है।”

उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। कांग्रेस समर्थक इसे “महागठबंधन की मजबूती का प्रमाण” बता रहे हैं, वहीं NDA खेमे ने इस बयान को “राजनीतिक स्टंट” करार दिया है।

महागठबंधन का ‘तेजस्वी प्रण पत्र’ चर्चा में

आज ही INDIA महागठबंधन ने अपना संयुक्त घोषणापत्र ‘तेजस्वी प्रण पत्र’ जारी किया। इसमें जनता के लिए कई लोकलुभावन वादे किए गए हैं —

  • हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की गारंटी
  • 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली
  • महिलाओं को ₹2,500 प्रतिमाह आर्थिक सहायता
  • पुरानी पेंशन योजना की बहाली
  • पिछड़े वर्गों के लिए हर उपमंडल में छात्रावास और हर प्रखंड में कॉलेज

घोषणापत्र जारी करते हुए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार और विकाशशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख मुकेश सहनी को उपमुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया गया।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, महागठबंधन ने इस घोषणापत्र के ज़रिए युवाओं और महिलाओं को साधने की कोशिश की है — जो राज्य की सबसे बड़ी मतदाता आबादी मानी जाती है।

NDA में जारी मतभेद

इसके विपरीत, NDA में अब भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। नीतीश कुमार के नेतृत्व पर सवाल उठ रहे हैं और सीट बंटवारे को लेकर भाजपा, जदयू और हम (HAM) के बीच लगातार असहमति की खबरें सामने आ रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, NDA का घोषणापत्र 30 अक्टूबर तक जारी होने की संभावना है, लेकिन उसमें शामिल नीतियों को लेकर अभी भी आंतरिक चर्चाएं चल रही हैं।

राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि NDA की यह “अंदरूनी अनिश्चितता” महागठबंधन को चुनावी बढ़त दिला सकती है, खासकर तब जब तेजस्वी यादव पहले ही अपनी प्रचार रणनीति में आक्रामक रुख अपना चुके हैं।

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राजनीतिक संदेश और भविष्य की राह

उदय भानु का यह बयान न सिर्फ NDA पर हमला है, बल्कि कांग्रेस और महागठबंधन के भीतर एकता का संदेश भी देता है। विश्लेषकों का कहना है कि कांग्रेस इस बार अपने युवा चेहरों को आगे रखकर राज्य में अपनी प्रासंगिकता बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

बिहार में 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में मतदान होगा। उससे पहले यह बयान और महागठबंधन की सक्रियता, निश्चित रूप से राज्य की सियासत में नए समीकरण तैयार कर रही है।