भारतीय ओपनर केएल राहुल ने आखिरकार नौ साल यानी 3,211 दिनों का लंबा इंतजार खत्म करते हुए घरेलू सरज़मीं पर टेस्ट शतक जड़ दिया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के दूसरे दिन राहुल ने 197 गेंदों पर शानदार 100 रन बनाकर अपना 11वां टेस्ट शतक पूरा किया। यह उनका भारत में पहला टेस्ट शतक दिसंबर 2016 के बाद आया है।
भारत ने वेस्टइंडीज़ को पहले दिन सिर्फ 162 रन पर समेटने के बाद दूसरी पारी में बल्लेबाज़ी में दबदबा दिखाया और 344/4 तक पहुंचकर 182 रनों की मजबूत बढ़त बना ली। राहुल के शतक के अलावा शुभमन गिल ने 50 रन, जबकि मध्यक्रम में ध्रुव जुरेल (नाबाद 68) और रवींद्र जडेजा (नाबाद 50) ने अहम पारियां खेलीं।
पहले दिन भारतीय गेंदबाज़ों ने लय तय कर दी थी। मोहम्मद सिराज (4/40) और जसप्रीत बुमराह (3/35) ने वेस्टइंडीज़ की बल्लेबाज़ी को धराशायी कर दिया और भारत को शुरुआती बढ़त दिलाई।
राहुल के लिए यह शतक बेहद अहम है। पिछले कुछ वर्षों में चोट और अस्थिरता से जूझने के बाद 33 वर्षीय ओपनर ने 2025 में शानदार वापसी की है। यह उनका इस साल का तीसरा शतक है, जिसने न केवल उनके घरेलू शतक का सूखा खत्म किया बल्कि उन्हें टीम इंडिया की बल्लेबाज़ी में शीर्ष क्रम पर एक भरोसेमंद खिलाड़ी के रूप में फिर से स्थापित किया।
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क्यों अहम था यह शतक
दिसंबर 2016 में चेन्नई टेस्ट के बाद से केएल राहुल का बल्ला भारत में खामोश था। विदेशों में रन बनाने के बावजूद घरेलू सरज़मीं पर शतक न बना पाने का दबाव उन पर लगातार रहा। आलोचकों का कहना था कि राहुल भारतीय परिस्थितियों में स्थिरता नहीं दिखा पा रहे हैं। लेकिन 2025 में उनकी शानदार वापसी ने तस्वीर बदल दी है, इस साल यह उनका तीसरा शतक है और सबसे अहम यह कि यह शतक घरेलू सरज़मीं पर आया।
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अहम मोमेंट्स
- राहुल का शतक पूरा करने वाला चौका, जिसने उनका घरेलू शतक का सूखा तोड़ा।
- मोहम्मद सिराज की रफ्तार और सटीक लाइन, जिसने वेस्टइंडीज़ का टॉप ऑर्डर चकनाचूर किया।
- जुरेल-जडेजा की साझेदारी, जिसने भारतीय पारी को और गहराई दी और बढ़त को विशाल बनाया।
राहुल का पुनर्जन्म
राहुल की इस पारी को सिर्फ एक शतक नहीं, बल्कि कैरियर का टर्निंग पॉइंट कहा जा सकता है। आलोचना और चोट से जूझने के बाद उन्होंने न केवल वापसी की है बल्कि लगातार रन बनाकर यह साबित कर दिया है कि वह टीम इंडिया के शीर्ष क्रम में लंबे समय तक टिके रह सकते हैं। इस शतक ने यह भी दिखाया कि राहुल अब सिर्फ तकनीकी बल्लेबाज़ नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी कहीं अधिक मज़बूत हो चुके हैं।
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भारत अब मज़बूत स्थिति में है और वेस्टइंडीज़ के लिए मुकाबले में वापसी करना बेहद कठिन दिख रहा है। भारत की 182 रनों की बढ़त ने मेज़बान टीम को पहले ही जीत की दिशा में खड़ा कर दिया है। वेस्टइंडीज़ के पास वापसी करने का कोई आसान रास्ता नहीं है। अगर भारतीय गेंदबाज़ दूसरे पारी में भी पहले दिन जैसा प्रदर्शन करते हैं, तो यह मैच तीन दिन में ही खत्म हो सकता है।
