PM Viksit Bharat Rozgar Yojana: पीएम विकसित भारत रोजगार योजना 1 अगस्त 2025 से पूरे देश में लागू हो गई है। इस योजना से जुड़े आपके सभी सवालों के जवाब इस लेख में विस्तार से दिए गए हैं
अगर आप पहली नौकरी शुरू करने जा रहे हैं, तो 15 अगस्त से आपकी खुशी दोगुनी होने वाली है। मोदी सरकार ने युवाओं को बड़ा तोहफा दिया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने लाल किले से 15 अगस्त 2025 को ऐलान करते हुए ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ लागू कर दी है। इस योजना के तहत पहली नौकरी पाने वाले युवाओं को केंद्र सरकार की ओर से 15,000 रुपये का ‘शगुन’ मिलेगा।

पीएम विकसित भारत रोजगार योजना: पहली नौकरी पर युवाओं को 15,000 रुपये, कंपनियों को 3,000 रुपये तक का लाभ
पीएम विकसित भारत रोजगार योजना के तहत पहली बार नौकरी शुरू करने वाले युवाओं को केंद्र सरकार 15,000 रुपये का ‘शगुन’ देगी। इसके साथ ही, नौकरी देने वाली कंपनियों को प्रति कर्मचारी 3,000 रुपये तक का लाभ मिलेगा। इस योजना से जुड़े सवाल जैसे कि योजना क्या है, कैसे इसका लाभ मिलेगा और पैसे सीधे खाते में कैसे आएंगे – इन सभी का विस्तार से जवाब इस लेख में दिया गया है।
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना क्या है?
देश में वर्कफोर्स बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने ‘पीएम विकसित भारत रोजगार योजना’ की शुरुआत की है। बजट में इस योजना की घोषणा के बाद, 1 अगस्त 2025 से यह स्कीम पूरे देश में लागू हो गई है। पहले इसे युवाओं के लिए प्रोत्साहन योजना यानी ‘ELI योजना’ (Employment Linked Incentive Scheme) के नाम से लॉन्च किया गया था, अब इसे नया और लोकप्रिय नाम मिला है।

इस योजना के तहत, पहली बार नौकरी ज्वाइन करने वाले और EPFO (पीएफ) के सदस्य बनने वाले युवाओं को सरकार की ओर से सैलरी के अलावा 15,000 रुपये तक दिए जाएंगे। इसके साथ ही कंपनियों को भी प्रति कर्मचारी दो साल तक वित्तीय सहायता दी जाएगी। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर विशेष ध्यान देने के कारण, इस सेक्टर में कंपनियों को चार साल तक पैसा मिलेगा। इसके लिए कुल 99,446 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है
केंद्र सरकार ने ‘पीएम विकसित भारत रोजगार योजना’ के माध्यम से अगले दो साल में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार विकसित करने का लक्ष्य रखा है। इस योजना के तहत 1.92 करोड़ लाभार्थी पहली बार वर्कफोर्स में शामिल होंगे।
योजना के मुख्य फायदे:
1. कर्मचारी:
पहली बार UAN नंबर जनरेट होने पर लाभार्थी को 15,000 रुपये मिलेंगे।यह राशि दो किस्तों में नौकरी ज्वाइन करने के बाद दी जाएगी।योजना का लाभ केवल उन कर्मचारियों को मिलेगा जिनकी सैलरी 1 लाख रुपये तक है।
2. कंपनियां:
कंपनियों को नए कर्मचारी की नियुक्ति पर प्रति कर्मचारी हर महीने 3,000 रुपये मिलेंगे।यह वित्तीय सहायता सामान्य सेक्टर में दो साल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में चार साल तक दी जाएगी।
इस योजना का उद्देश्य देश में वर्कफोर्स बढ़ाना और युवाओं को पहली नौकरी में वित्तीय प्रोत्साहन देना है।
पीएम विकसित भारत रोजगार योजना की पात्रता
पहली बार EPFO से जुड़ने वाले युवा इस योजना के लिए पात्र होंगे।
कर्मचारी की ग्रॉस सैलरी 1 लाख रुपये या उससे कम होनी चाहिए।
कर्मचारी को कम से कम 6 महीने तक एक ही कंपनी में नौकरी करनी होगी।
कंपनी का EPFO (कर्मचारी भविष्य निधि संगठन) में पंजीकृत होना अनिवार्य है।
पीएम विकसित भारत रोजगार योजना के लिए आवेदन
इस योजना के लिए अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं है।
जैसे ही कर्मचारी का पहली बार पीएफ (EPFO) अकाउंट खुलेगा, वह योजना के लिए स्वतः पात्र हो जाएगा।
कर्मचारी की ग्रॉस सैलरी 1 लाख रुपये या उससे कम होनी चाहिए।
सरकार UAN नंबर के आधार पर ही सीधे कर्मचारी के खाते में पैसा ट्रांसफर करेगी।
पीएम विकसित भारत रोजगार योजना की शर्तें
कर्मचारी की सैलरी 1 लाख रुपये या उससे कम होनी चाहिए।
कर्मचारी का पहले से EPFO खाता नहीं होना चाहिए।कंपनी का EPFO में पंजीकृत होना जरूरी है।
कंपनी में 50 या उससे कम कर्मचारी होने पर न्यूनतम 2 नए कर्मचारी नियुक्त करने होंगे।
50 से ज्यादा कर्मचारी होने पर कम से कम 5 नए कर्मचारियों को ज्वाइन कराना अनिवार्य है।
कर्मचारी को कम से कम 6 महीने तक उसी कंपनी में काम करना होगा।

पीएम विकसित भारत रोजगार के लिए जरूरी दस्तावेज
EPFO का UAN नंबर
कंपनी का नियुक्ति पत्र
आधार कार्ड
आधार कार्ड से जुड़ा बैंक खाता
पीएम विकसित भारत रोजगार योजना का पैसा कब और कैसे मिलेगा?
पहली किस्त कंपनी में 6 महीने पूरे होने के बाद कर्मचारी के खाते में आएगी
दूसरी किस्त 12 महीने पूरे करने और वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करने के बाद आएगी
कुछ पैसा PF खाते में जाएगा, ताकि युवाओं में बचत की भावना बढ़े
पैसा सीधे कर्मचारियों के खाते में आएगाकंपनी की हिस्सेदारी का पैसा DBT के माध्यम से सीधे खाते में आएगा
