कनाडा की कंज़र्वेटिव पार्टी के नेता पियरे पोइलिएवरे ने बुधवार को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान लॉरेंस बिश्नोई गिरोह को आतंकवादी संगठन घोषित करने की मांग रखी। हाल ही में उन्होंने अल्बर्टा के बैटल रिवर-क्रोफुट उपचुनाव में बड़ी जीत दर्ज की है और सितंबर में संसद के फिर से शुरू होने पर वे अपनी सीट पर लौटेंगे।

लिबरल सरकार पर बिश्नोई गैंग को छूट देने का आरोप

पोइलिएवरे ने इस मुद्दे को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (एक्स) पर भी उठाया। 11 अगस्त को किए गए एक पोस्ट में उन्होंने लिखा कि,

लिबरल सरकार की ओपन बॉर्डर इमिग्रेशन पॉलिसी ने बिश्नोई आतंकवादियों और गैंगस्टरों को कनाडा आने और हमारे समुदायों को आतंकित करने की छूट दी है। कंज़र्वेटिव पार्टी की मांग है कि बिश्नोई आतंकवादियों पर तुरंत प्रतिबंध लगाया जाए, उनके सभी सदस्यों को गिरफ्तार किया जाए और निर्वासित किया जाए।

लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क

लॉरेंस बिश्नोई गिरोह को एक अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क माना जाता है, जो हिंसा, रंगदारी, मादक पदार्थों की तस्करी और लक्षित हत्याओं जैसी गतिविधियों में लिप्त है। इसमें कनाडा में हुई घटनाएं भी शामिल हैं। कंज़र्वेटिव पार्टी की ओर से जारी बयान में पोइलिएवरे ने इस गिरोह को “आतंकवादी इकाई” घोषित करने की मांग की, ताकि पुलिस और अभियोजकों को कनाडावासियों को धमकाने वाले इस हिंसक वैश्विक रंगदारी नेटवर्क को खत्म करने के लिए सशक्त उपकरण मिल सकें।

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ट्रूडो सरकार के दौर में बढ़ा अपराध

बयान में कहा गया है कि कनाडा में रंगदारी (Extortion) सबसे तेजी से बढ़ते अपराधों में से एक बन चुकी है। पुलिस के अनुसार छोटे व्यवसाय मालिकों, खासकर ब्राम्पटन, सरे, वैंकूवर और कैलगरी जैसे इलाकों में लगातार खतरों की शिकायतें मिल रही हैं। कंज़र्वेटिव पार्टी ने आरोप लगाया कि कनाडा में अपराध और अराजकता” फैली हुई है और 2015 में जस्टिन ट्रूडो की लिबरल सरकार के सत्ता में आने के बाद हिंसक अपराध 54% बढ़े हैं।

इसके अलावा, रिपोर्ट में बताया गया कि यौन हमलों में 75% और रंगदारी के मामलों में 330% की वृद्धि दर्ज की गई है।

रंगदारी करने वालों को कड़ी सजा

कंज़र्वेटिव पार्टी ने सरकार से मांग की है कि अनिवार्य जेल सज़ा को बहाल और सख़्त किया जाए। प्रस्ताव के अनुसार, रंगदारी करने वालों को कम से कम 3 साल की सजा, बंदूक के इस्तेमाल पर 4 साल की सजा, और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में 5 साल की सजा दी जाए। इसमें आगजनी को भी एक गंभीर अपराध कारक माना गया है।

साथ ही, पार्टी ने सरकार से “कैच-एंड-रिलीज” कानून खत्म करने और हिंसक अपराधियों को जेल में रखने के लिए न्याय प्रणाली को मज़बूत बनाने की मांग की।

ट्रूडो ने रंगदारों को दी शह: पोइलिएवरे

पोइलिएवरे ने आरोप लगाया कि “लिबरल सरकार ने कड़े कानून खत्म कर दिए, जेल की सजाएं घटा दीं और गिरोहों व रंगदारों को सड़कों पर हावी होने दिया।” उन्होंने कहा कि यह मुद्दा वह पहले भी कई बार उठा चुके हैं।

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वहीं दूसरी ओर, कनाडा के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री गैरी आनंदसंगरी ने स्पष्ट किया कि किसी भी संगठन को आतंकवादी घोषित करने के लिए कानूनी मानदंडों को पूरा करना ज़रूरी है और यह मामला वर्तमान में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के विचाराधीन है।

टारगेट किलिंग के लिए जिम्मेदार लॉरेंस बिश्नोई

कनाडा के अल्बर्टा प्रांत की प्रीमियर डेनिएल स्मिथ और सार्वजनिक सुरक्षा एवं आपातकालीन सेवाओं के मंत्री माइक एलिस ने जुलाई में संघीय सरकार से मांग की थी कि लॉरेंस बिश्नोई गिरोह को आतंकवादी संगठन घोषित किया जाए। अपने बयान में उन्होंने कहा कि यह गिरोह एक अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क है, जो हिंसा, रंगदारी, मादक पदार्थों की तस्करी और लक्षित हत्याओं के लिए जिम्मेदार है, जिनमें कनाडा की घटनाएं भी शामिल हैं।

उन्होंने आगे कहा कि इस गिरोह की वैश्विक पहुंच है और इसका मकसद पूरी तरह आपराधिक और हिंसक है। वहीं, ब्रिटिश कोलंबिया (बीसी) के प्रीमियर डेविड एब्बी ने भी जून में ओटावा से इसी तरह की मांग की थी।

गोल्डी बराड़ के खिलाफ सख़्त कार्रवाई की मांग

भारत ने कनाडा से मांग की है कि वहां से संचालित लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के सदस्यों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई की जाए। इस सूची में सतेंदरजीत सिंह उर्फ़ गोल्डी बराड़ भी शामिल है, जो मई 2022 में पंजाबी गायक और नेता सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में वांछित है।