बिहार में 10 मॉडल स्कूलों में शुरू हुई मुफ्त JEE-NEET कोचिंग, सीएम सम्राट चौधरी ने किया शुभारंभ

बिहार में 10 मॉडल स्कूलों में शुरू हुई मुफ्त JEE-NEET कोचिंग बिहार में 10 मॉडल स्कूलों में शुरू हुई मुफ्त JEE-NEET कोचिंग

बिहार सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए मुफ्त JEE और NEET कोचिंग की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को पटना के 10 मॉडल स्कूलों में इस पहल का शुभारंभ किया। ‘बिहार स्कूल लाइव क्लासेज’ योजना के तहत शुरू किए गए इस कार्यक्रम का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी छात्रों को इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की बेहतर तैयारी के लिए गुणवत्तापूर्ण कोचिंग उपलब्ध कराना है।

पहले चरण में पटना के 10 मॉडल स्कूलों को इस योजना से जोड़ा गया है। छात्रों को स्मार्ट क्लासरूम के माध्यम से अनुभवी शिक्षकों की लाइव कक्षाएं, अध्ययन सामग्री और नियमित मूल्यांकन की सुविधा मिलेगी। सरकार का कहना है कि योजना का विस्तार आने वाले समय में राज्य के अन्य मॉडल स्कूलों तक भी किया जाएगा।

शुभारंभ का मकसद: ‘हर छात्र तक पहुंचे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा’

शुभारंभ का मकसद: 'हर छात्र तक पहुंचे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा'
Official image from official Bihar CM Website

मुख्यमंत्री ने पटना के शास्त्रीनगर स्थित राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय में इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इसी मौके पर उन्होंने दो नए स्मार्ट क्लासरूम का भी शुभारंभ किया, जो राज्य के डिजिटल शिक्षा अभियान का हिस्सा हैं। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ स्कूलों में नई तकनीक लाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि हर छात्र को उसकी आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना गुणवत्तापूर्ण और परीक्षा-केंद्रित पढ़ाई मिले।

यह मुफ्त कोचिंग योजना बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) की ऑनलाइन कोचिंग पहल के तहत शुरू की गई है, जो खासतौर पर उन छात्रों को ध्यान में रखकर बनाई गई है जो प्राइवेट JEE-NEET कोचिंग संस्थानों की भारी-भरकम फीस वहन नहीं कर सकते।

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जोरदार शुरुआत: पहले चरण में 518 छात्रों ने कराया पंजीकरण

छात्रों की तरफ से इस योजना को शानदार प्रतिक्रिया मिली है। पहले ही चरण में 10 चयनित मॉडल स्कूलों में कुल 518 छात्रों ने पंजीकरण कराया है, जिनमें JEE के लिए 266 और NEET के लिए 252 छात्र शामिल हैं। इस उत्साहजनक शुरुआत को देखते हुए राज्य सरकार ने संकेत दिए हैं कि यह योजना सिर्फ पटना तक सीमित नहीं रहेगी। आने वाले चरणों में इसे राज्यभर के 155 मॉडल स्कूलों तक विस्तारित करने की योजना पहले से ही तैयार है, जिससे मुफ्त प्रवेश परीक्षा कोचिंग बिहार के हर कोने तक पहुंच सके।

कैसे होगी पढ़ाई?

इस योजना के तहत पंजीकृत छात्रों को अनुभवी विषय विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा स्मार्ट क्लासरूम के माध्यम से पढ़ाया जाएगा। फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स और बायोलॉजी की क्लासेज एक केंद्रीय टीचिंग हब से वीडियो लिंक के जरिए विभिन्न जिलों के स्कूलों में लाइव प्रसारित की जाएंगी।

यह मॉडल खासतौर पर व्यक्तिगत स्कूलों में विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए तैयार किया गया है। छात्रों को तैयारी में मदद के लिए हाई क्वालिटी स्टडी मैटेरियल भी उपलब्ध कराया जाएगा, साथ ही एक डाउट क्लियरिंग सुविधा भी दी जाएगी ताकि क्लास के बाहर भी छात्रों के सवाल अनुत्तरित न रहें।

छात्रों की प्रगति जांचने के लिए स्कूलों में हर 15 दिन पर क्लास टेस्ट आयोजित किए जाएंगे, जिससे शिक्षक और छात्र दोनों JEE और NEET परीक्षा से पहले लगातार अपनी तैयारी का आकलन कर सकें।

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सीएम ने छात्रों से की बातचीत, दी सीख

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लाइव क्लास से जुड़े छात्रों से सीधा संवाद किया। उन्होंने पढ़ाई की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली और छात्रों को मेहनत व लगन से पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री ने कहा, “मन लगाकर पढ़ें और अपने भविष्य को बेहतर बनाएं।”

मेधावी छात्रों को किया गया सम्मानित

इस लॉन्च कार्यक्रम को मेधा को सम्मान देने का भी अवसर बनाया गया। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित किया, और मुख्यमंत्री ने स्वयं उन्हें उत्कृष्टता प्रमाण पत्र प्रदान किए।

स्कूली शिक्षा को आधुनिक बनाने के लिए सात MoU पर हस्ताक्षर

राज्य के तकनीक-आधारित शिक्षा सुधार अभियान को और मजबूती देते हुए, शिक्षा विभाग ने इस कार्यक्रम के दौरान सात स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इन साझेदारियों से कई क्षेत्रों में सुधार की उम्मीद है, जिनमें कक्षाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का समावेश, STEM शिक्षा, कोडिंग, डिजाइन थिंकिंग, शिक्षक प्रशिक्षण, AI आधारित मूल्यांकन और डेटा आधारित शिक्षा प्रबंधन शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले वर्षों में बिहार के सरकारी स्कूली शिक्षा तंत्र को आधुनिक बनाने में ये कदम केंद्रीय भूमिका निभाएंगे।

बड़ी तस्वीर

यह मुफ्त JEE-NEET कोचिंग पहल ऐसे समय में आई है जब बिहार के सरकारी स्कूल एक तेजी से बढ़ते प्राइवेट कोचिंग उद्योग के सामने अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। एक ऐसा उद्योग जिसने पटना और कोटा जैसे शहरों को इंजीनियरिंग व मेडिकल के इच्छुक छात्रों के लिए चुंबक बना दिया है, लेकिन अक्सर इतनी महंगी फीस के साथ कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए गंभीर तैयारी करना मुश्किल हो जाता है।

मुफ्त और संरचित कोचिंग को सीधे स्कूल व्यवस्था में शामिल कर, और उसे स्मार्ट क्लासरूम व डिजिटल लर्निंग टूल्स से जोड़कर, राज्य सरकार यह दांव खेल रही है कि भारत की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग और मेडिकल सीटों के लिए प्रतिस्पर्धा में अब प्रतिभा तय करेगी, आर्थिक हैसियत नहीं।

योजना के 155 मॉडल स्कूलों तक विस्तार की योजना के साथ, अधिकारियों का कहना है कि आने वाले महीने यह तय करने में अहम होंगे कि क्या इस मॉडल को गुणवत्ता से समझौता किए बिना बड़े पैमाने पर लागू किया जा सकता है। यह एक ऐसी चुनौती है जो तय करेगी कि 2027 और उसके बाद कितने और बिहारी छात्रों को JEE और NEET क्रैक करने का असली मौका मिलेगा।

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