PM Internship Yojana 2026: ₹9,000 स्टाइपेंड, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और पूरी जानकारी

PM Internship Yojana 2026 PM Internship Yojana 2026: ₹9,000 स्टाइपेंड, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और पूरी जानकारी

आज के समय में अच्छी नौकरी पाने के लिए केवल शैक्षणिक योग्यता ही नहीं, बल्कि कार्य अनुभव (Work Experience) भी बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। हालांकि, अधिकांश युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही होती है कि बिना अनुभव के नौकरी मिलना मुश्किल होता है। इसी समस्या को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने PM Internship Yojana (प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना) शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य युवाओं को देश की टॉप 500 कंपनियों में वास्तविक कार्य अनुभव (Hands-on Experience) प्राप्त करने का अवसर देना है, ताकि वे अपने कौशल को बेहतर बनाकर भविष्य में बेहतर रोजगार के अवसर हासिल कर सकें।

PM Internship Yojana के तहत चयनित उम्मीदवारों को हर महीने ₹9,000 का स्टाइपेंड, ₹6,000 की एकमुश्त जॉइनिंग ग्रांट, बीमा कवर और इंटर्नशिप पूरी होने पर आधिकारिक प्रमाणपत्र भी दिया जाता है। हाल के वर्षों में सरकार ने इस योजना में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिनमें आयु सीमा बढ़ाना, स्टाइपेंड में वृद्धि, इंटर्नशिप अवधि में संशोधन और रोलिंग आवेदन प्रणाली शामिल हैं। इससे अब पहले की तुलना में अधिक युवा इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।

यदि आप PM Internship Yojana 2026 के बारे में पूरी जानकारी चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए एक संपूर्ण गाइड है। इसमें हम योजना की पात्रता (Eligibility), स्टाइपेंड, लाभ, जरूरी दस्तावेज, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया, चयन प्रक्रिया, इंटर्नशिप की अवधि, भाग लेने वाली कंपनियों और नवीनतम अपडेट सहित सभी महत्वपूर्ण जानकारी विस्तार से समझाएंगे।

PM Internship Yojana क्या है?

PM इंटर्नशिप स्कीम केंद्र सरकार की एक फ्लैगशिप योजना है, जिसे बजट 2024-25 में घोषित किया गया था और 3 अक्टूबर 2024 को औपचारिक रूप से शुरू किया गया। इस योजना का संचालन कॉरपोरेट अफेयर्स मंत्रालय करता है। सरकार का लक्ष्य है कि अगले पांच साल में एक करोड़ युवाओं को देश की टॉप 500 कंपनियों में इंटर्नशिप का मौका दिया जाए।

शुरुआत में इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लॉन्च किया गया था, जिसमें वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 1.25 लाख इंटर्नशिप का लक्ष्य रखा गया था। इसके बाद कई राउंड में इस योजना का विस्तार होता गया, और अब यह देश के सबसे बड़े सरकारी इंटर्नशिप कार्यक्रमों में गिनी जाती है। भाग लेने वाली कंपनियों का चुनाव उनके पिछले तीन साल के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी यानी CSR खर्च के आधार पर किया जाता है, ताकि इंटर्न को ऐसी कंपनियों में रखा जाए जो सामाजिक जिम्मेदारी को गंभीरता से लेती हैं।

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PM Internship Yojana 2026: एक नजर में

आगे बढ़ने से पहले नीचे दी गई तालिका में PM Internship Yojana 2026 से जुड़ी मुख्य बातें एक साथ देखी जा सकती हैं।

विवरणजानकारी
योजना का नामप्रधानमंत्री इंटर्नशिप स्कीम (PMIS)
शुरुआत की तारीख3 अक्टूबर 2024
संचालक मंत्रालयकॉरपोरेट अफेयर्स मंत्रालय
दीर्घकालिक लक्ष्य5 साल में 1 करोड़ इंटर्नशिप
आयु सीमा18 से 25 वर्ष
इंटर्नशिप की अवधि6 से 9 महीने
मासिक स्टाइपेंड9,000 रुपये (8,100 रुपये सरकार, 900 रुपये कंपनी)
एकमुश्त जॉइनिंग राशि6,000 रुपये
आवेदन का माध्यमऑनलाइन (पोर्टल और मोबाइल ऐप)
आधिकारिक पोर्टलpminternship.mca.gov.in
आवेदन शुल्कपूरी तरह निःशुल्क

PM Internship Yojana 2026 में हुए नए बदलाव

PM Internship Yojana 2026 में हुए नए बदलाव
PM Internship Yojana 2026 में हुए नए बदलाव

PM Internship Yojana को युवाओं की जरूरतों और उद्योगों की मांग को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर अपडेट किया गया है। अक्टूबर 2024 में लॉन्च होने के बाद इस योजना में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए, जिससे यह पहले की तुलना में अधिक युवाओं के लिए सुलभ और लाभदायक बन गई। मार्च 2026 में सरकार ने पात्रता, स्टाइपेंड, इंटर्नशिप अवधि और आवेदन प्रक्रिया में बड़े सुधारों की घोषणा की, जिनका उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं को व्यावहारिक कार्य अनुभव और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

PM Internship Yojana 2026 के प्रमुख बदलाव

1. आयु सीमा में बदलाव

पहले इस योजना के लिए 21 से 24 वर्ष के युवा ही आवेदन कर सकते थे। अब आयु सीमा बढ़ाकर 18 से 25 वर्ष कर दी गई है, जिससे 10वीं, 12वीं, ITI, डिप्लोमा और स्नातक करने वाले अधिक युवा इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।

2. स्टाइपेंड बढ़ाकर ₹9,000 प्रति माह

योजना की सबसे बड़ी घोषणा मासिक स्टाइपेंड में वृद्धि है। पहले चयनित इंटर्न को ₹5,000 प्रति माह मिलते थे, जबकि अब उन्हें ₹9,000 प्रति माह का स्टाइपेंड दिया जाता है। इसके अलावा इंटर्नशिप शुरू करने पर ₹6,000 की एकमुश्त जॉइनिंग ग्रांट भी प्रदान की जाती है।

3. इंटर्नशिप की अवधि में बदलाव

पहले इंटर्नशिप की अवधि 12 महीने निर्धारित थी। अब इसे घटाकर 6 से 9 महीने कर दिया गया है, ताकि युवा कम समय में उद्योग का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर सकें और जल्दी रोजगार या आगे की पढ़ाई की ओर बढ़ सकें।

4. रोलिंग आवेदन प्रणाली (Rolling Application Model)

पहले योजना में आवेदन के लिए सीमित चरण (Rounds) होते थे, लेकिन अब इसे Rolling Application Model पर संचालित किया जा रहा है। इसका मतलब है कि कंपनियां समय-समय पर नई इंटर्नशिप पोस्ट करती रहती हैं और पात्र उम्मीदवार अपनी सुविधा के अनुसार उपलब्ध अवसरों के लिए आवेदन कर सकते हैं।

5. योजना की अवधि बढ़ाई गई

सरकार ने PM Internship Yojana को दिसंबर 2026 तक जारी रखने का निर्णय लिया है, जिससे अधिक से अधिक युवाओं को इस योजना का लाभ लेने का अवसर मिल सके।

PM Internship Yojana 2026 के नवीनतम आंकड़े

जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के तहत 340 से अधिक कंपनियां 31 से ज्यादा सेक्टर में 1.22 लाख से अधिक इंटर्नशिप अवसर उपलब्ध करा रही हैं। सबसे अधिक आवेदन उत्तर प्रदेश से प्राप्त हुए हैं, जबकि महाराष्ट्र और असम क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। इसके अलावा MY Bharat और Skill India Digital प्लेटफॉर्म के माध्यम से लगभग 98,000 युवाओं को इस योजना से जोड़ा जा चुका है।

ध्यान दें: सरकार समय-समय पर PM Internship Yojana के नियमों, पात्रता और स्टाइपेंड में बदलाव कर सकती है। इसलिए आवेदन करने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध नवीनतम दिशा-निर्देश अवश्य देखें।

PM Internship Yojana Eligibility: कौन आवेदन कर सकता है?

PM इंटर्नशिप स्कीम के लिए पात्रता तय करते समय शिक्षा, उम्र और पारिवारिक पृष्ठभूमि, तीनों बातों का ध्यान रखा जाता है। पात्र होने के लिए उम्मीदवार को नीचे दी गई शर्तें पूरी करनी होती हैं:

  • उम्मीदवार भारत का नागरिक हो और उसकी उम्र 18 से 25 वर्ष के बीच हो
  • उम्मीदवार फिलहाल किसी फुल टाइम नौकरी में न हो और न ही किसी फुल टाइम डिग्री प्रोग्राम में नियमित रूप से पढ़ाई कर रहा हो, हालांकि ऑनलाइन या दूरस्थ शिक्षा प्रोग्राम में पढ़ने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं
  • उम्मीदवार ने कम से कम 10वीं या 12वीं पास की हो, या ITI से सर्टिफिकेट, पॉलिटेक्निक से डिप्लोमा, या BA, B.Sc, B.Com, BCA, BBA, B.Pharma जैसी स्नातक डिग्री हासिल की हो

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PM Internship Yojana के लिए कौन आवेदन नहीं कर सकता?

इस योजना का उद्देश्य उन युवाओं की मदद करना है जिन्हें असल में औद्योगिक अनुभव की जरूरत है, इसलिए कुछ श्रेणियों को इससे बाहर रखा गया है:

  • IIT, IIM, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, IISER, NID और IIIT जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से स्नातक कर चुके उम्मीदवार
  • CA, CMA, CS, MBBS, BDS, MBA या किसी भी मास्टर डिग्री या उससे ऊंची डिग्री रखने वाले उम्मीदवार
  • वे उम्मीदवार जो पहले से किसी केंद्र या राज्य सरकार की स्किल डेवलपमेंट, अप्रेंटिसशिप या स्टूडेंट ट्रेनिंग योजना से जुड़े हैं
  • नेशनल अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम या नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम के तहत पहले से अप्रेंटिसशिप पूरी कर चुके उम्मीदवार
  • ऐसे उम्मीदवार जिनके परिवार के किसी सदस्य की सालाना आय 8 लाख रुपये से ज्यादा हो
  • ऐसे उम्मीदवार जिनके परिवार में कोई सदस्य स्थायी या नियमित सरकारी कर्मचारी हो

PM Internship Yojana Benefits: इंटर्न को क्या-क्या फायदे मिलते हैं?

PM इंटर्नशिप स्कीम में चुने गए उम्मीदवारों को सिर्फ काम सीखने का मौका ही नहीं मिलता, बल्कि इसके साथ कई और आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े फायदे भी मिलते हैं।

  • हर महीने 9,000 रुपये का स्टाइपेंड मिलता है, जिसमें से 8,100 रुपये सीधे सरकार डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजती है, और बाकी 900 रुपये कंपनी की तरफ से आते हैं
  • इंटर्नशिप में शामिल होने पर एक बार में 6,000 रुपये की जॉइनिंग राशि भी सरकार की तरफ से दी जाती है
  • सभी इंटर्न को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत बीमा कवर मिलता है, जिसका प्रीमियम सरकार खुद भरती है
  • कई भाग लेने वाली कंपनियां अपनी तरफ से अतिरिक्त दुर्घटना बीमा भी देती हैं
  • इंटर्नशिप पूरी होने पर एक आधिकारिक प्रमाणपत्र मिलता है, जो आगे नौकरी के लिए आवेदन करते समय काफी काम आता है
  • देश की टॉप 500 कंपनियों में असली कामकाजी माहौल में सीखने का अनुभव मिलता है, जो सिर्फ किताबी पढ़ाई से नहीं मिल सकता

PM Internship Yojana Documents Required: आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

आवेदन करने से पहले नीचे दिए गए दस्तावेज और जानकारी तैयार रखनी चाहिए, ताकि प्रक्रिया में कोई रुकावट न आए।

  • आधार कार्ड, जो बैंक खाते से लिंक हो
  • शैक्षणिक योग्यता से जुड़े प्रमाण पत्र और मार्कशीट
  • बैंक खाते का विवरण, जिसमें स्टाइपेंड ट्रांसफर होगा
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • सक्रिय मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी
  • पारिवारिक आय से जुड़ा स्व-घोषणा पत्र, अगर मांगा जाए

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PM Internship Yojana Apply Online: आवेदन कैसे करें?

PM इंटर्नशिप स्कीम के लिए आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन है और इसे आधिकारिक पोर्टल pminternship.mca.gov.in के जरिए या मोबाइल ऐप के जरिए किया जा सकता है। आवेदन के चरण इस प्रकार हैं:

  1. सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल पर जाएं या PMIS मोबाइल ऐप डाउनलोड करें
  2. मोबाइल नंबर और आधार का इस्तेमाल करते हुए पोर्टल पर पंजीकरण करें
  3. पंजीकरण के दौरान दी गई जानकारी के आधार पर पोर्टल खुद एक रेज्यूमे तैयार कर देता है
  4. सेक्टर, स्थान, भूमिका और योग्यता जैसी अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार इंटर्नशिप खोजें और उनकी तुलना करें
  5. अपनी पसंद के मुताबिक अधिकतम तीन इंटर्नशिप के लिए आवेदन करें
  6. आवेदन के दौरान पूछे गए सवालों के जवाब दें और सभी जानकारी सही-सही भरें
  7. सबमिट करने के बाद अपने आवेदन की स्थिति कैंडिडेट डैशबोर्ड पर ट्रैक करते रहें
  8. अगर किसी कंपनी की तरफ से ऑफर मिलता है, तो उसे ध्यान से पढ़ने के बाद 14 दिनों के भीतर स्वीकार करना होगा

PM Internship Yojana Selection Process: चयन कैसे होता है?

आवेदन जमा होने के बाद पोर्टल उम्मीदवार की प्राथमिकताओं और कंपनी की जरूरतों के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग करता है। हर एक इंटर्नशिप पद के लिए जरूरत से दो से तीन गुना ज्यादा उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट करके कंपनी के पास भेजा जाता है, ताकि कंपनी अपने हिसाब से सही उम्मीदवार चुन सके। इस पूरी प्रक्रिया में विविधता और सामाजिक समावेशिता का खास ध्यान रखा जाता है, और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और दिव्यांग उम्मीदवारों को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाता है।

कंपनी अपनी जरूरत और प्रक्रिया के अनुसार अंतिम उम्मीदवारों का चयन करती है। चयनित होने पर उम्मीदवार को पोर्टल के जरिए ही ऑफर लेटर भेजा जाता है, जिसे स्वीकार करने के बाद इंटर्नशिप शुरू हो जाती है। यह ध्यान रखने वाली बात है कि इंटर्नशिप के दौरान उम्मीदवार को कंपनी का बाकायदा कर्मचारी नहीं माना जाता, यह सिर्फ सीखने और अनुभव हासिल करने का एक मौका है।

PM Internship Yojana में किन-किन सेक्टर में इंटर्नशिप मिलती है?

PM इंटर्नशिप स्कीम के तहत 31 से ज्यादा अलग-अलग क्षेत्रों में इंटर्नशिप के अवसर मिलते हैं। इनमें तेल, गैस और ऊर्जा, यात्रा और आतिथ्य, ऑटोमोटिव, बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं, धातु और खनन, तेजी से बिकने वाले उपभोक्ता उत्पाद यानी FMCG, दूरसंचार, इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्माण, खुदरा व्यापार, सीमेंट और निर्माण सामग्री, फार्मास्युटिकल, विमानन और रक्षा, विनिर्माण, रसायन, मीडिया और मनोरंजन, कृषि और संबद्ध गतिविधियां, कंसल्टिंग सेवाएं, टेक्सटाइल विनिर्माण, रत्न और आभूषण जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इतने व्यापक क्षेत्रों में मौके होने की वजह से हर तरह की पढ़ाई कर चुके उम्मीदवारों को अपनी रुचि के मुताबिक इंटर्नशिप मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

PM Internship Yojana Stipend: कितना पैसा मिलता है?

PM Internship Yojana की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें चयनित उम्मीदवारों को केवल उद्योगों में काम सीखने का अवसर ही नहीं मिलता, बल्कि हर महीने ₹9,000 का स्टाइपेंड भी दिया जाता है। इस आर्थिक सहायता का उद्देश्य युवाओं को इंटर्नशिप के दौरान होने वाले दैनिक खर्चों में मदद करना है, ताकि वे बिना वित्तीय चिंता के अपने कौशल और कार्य अनुभव पर ध्यान दे सकें।

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PM Internship Yojana Stipend की पूरी जानकारी

  • कुल मासिक स्टाइपेंड: ₹9,000 प्रति माह
  • सरकार का योगदान: ₹8,100 प्रति माह (Direct Benefit Transfer – DBT के माध्यम से)
  • कंपनी का योगदान: ₹900 प्रति माह
  • जॉइनिंग ग्रांट: इंटर्नशिप शुरू करने पर एक बार ₹6,000 की अतिरिक्त राशि

स्टाइपेंड कैसे मिलता है?

PM Internship Yojana के तहत सरकार अपनी हिस्से की राशि Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से सीधे इंटर्न के आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजती है। वहीं, कंपनी अपने हिस्से का ₹900 अलग से प्रदान करती है। इसलिए आवेदन करते समय आधार, बैंक खाता और अन्य KYC जानकारी सही होना बेहद जरूरी है।

क्या स्टाइपेंड पर टैक्स लगता है?

स्टाइपेंड पर टैक्स से जुड़े नियम उम्मीदवार की कुल वार्षिक आय और उस समय लागू आयकर प्रावधानों पर निर्भर करते हैं। यदि इस संबंध में कोई संदेह हो, तो संबंधित कंपनी या टैक्स विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित रहेगा।

ध्यान दें: PM Internship Yojana का स्टाइपेंड समय-समय पर सरकार द्वारा संशोधित किया जा सकता है। आवेदन करने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध नवीनतम जानकारी अवश्य जांच लें।

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PM Internship Yojana की अवधि कितनी है?

PM Internship Yojana के तहत इंटर्नशिप की अवधि 6 से 9 महीने निर्धारित की गई है। पहले इस योजना में इंटर्नशिप 12 महीने की होती थी, लेकिन बाद में इसे घटाकर 6–9 महीने कर दिया गया, ताकि युवा कम समय में व्यावहारिक अनुभव (Practical Experience) हासिल कर सकें और जल्द ही रोजगार या आगे की पढ़ाई की ओर बढ़ सकें। हालांकि, इंटर्नशिप की वास्तविक अवधि कंपनी, भूमिका (Role) और कार्यक्षेत्र के अनुसार 6 से 9 महीने के बीच अलग-अलग हो सकती है।

PM Internship Yojana की अवधि से जुड़ी मुख्य बातें

  • इंटर्नशिप की अवधि: 6 से 9 महीने
  • पूर्णकालिक (Full-Time) कार्यक्रम: इंटर्न को निर्धारित समय के अनुसार कंपनी में नियमित रूप से कार्य करना होता है।
  • भूमिका के अनुसार अवधि: अलग-अलग कंपनियों और पदों के अनुसार इंटर्नशिप की अवधि में थोड़ा अंतर हो सकता है।
  • विस्तार (Extension): वर्तमान में योजना के तहत इंटर्नशिप अवधि बढ़ाने (Extension) का कोई सामान्य प्रावधान नहीं है। यदि किसी विशेष कंपनी की आंतरिक नीति के अनुसार अतिरिक्त प्रशिक्षण दिया जाता है, तो उसकी शर्तें अलग हो सकती हैं।
  • प्रमाणपत्र (Certificate): इंटर्नशिप सफलतापूर्वक पूरी करने पर उम्मीदवार को आधिकारिक PM Internship Certificate दिया जाता है। यह प्रमाणपत्र भविष्य में नौकरी के लिए आवेदन करते समय आपके रिज्यूमे को मजबूत बनाने और व्यावहारिक कार्य अनुभव साबित करने में मदद करता है।

ध्यान दें: PM Internship Yojana के तहत इंटर्नशिप पूरी करने पर प्रमाणपत्र अवश्य मिलता है, लेकिन इससे स्थायी नौकरी (Permanent Job) की गारंटी नहीं मिलती। हालांकि, टॉप कंपनियों में काम करने का अनुभव और प्राप्त प्रमाणपत्र भविष्य में बेहतर करियर अवसर पाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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FAQs

1. PM Internship Yojana के लिए आयु सीमा क्या है?

इस योजना के लिए उम्मीदवार की उम्र 18 से 25 वर्ष के बीच होनी चाहिए। पहले यह सीमा 21 से 24 वर्ष थी, जिसे मार्च 2026 में बढ़ाया गया।

2. PM Internship Yojana में कितना स्टाइपेंड मिलता है? इं

टर्न को हर महीने 9,000 रुपये का स्टाइपेंड मिलता है, जिसमें से 8,100 रुपये सरकार और 900 रुपये कंपनी की तरफ से आते हैं। इसके अलावा 6,000 रुपये की एकमुश्त जॉइनिंग राशि भी मिलती है।

3. इंटर्नशिप की अवधि कितनी होती है?

इंटर्नशिप की अवधि 6 से 9 महीने के बीच होती है, यह भूमिका और कंपनी के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

4. इस योजना के लिए कौन आवेदन नहीं कर सकता?

IIT, IIM, NLU, IISER, NID, IIIT जैसे संस्थानों के स्नातक, CA, CMA, CS, MBBS, MBA या मास्टर डिग्री धारक, और ऐसे उम्मीदवार जिनके परिवार की सालाना आय 8 लाख रुपये से ज्यादा है या परिवार में कोई स्थायी सरकारी कर्मचारी है, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।

5. PM Internship Yojana के लिए आवेदन कहां और कैसे करें?

आवेदन आधिकारिक पोर्टल pminternship.mca.gov.in पर या PMIS मोबाइल ऐप के जरिए ऑनलाइन किया जा सकता है, और इसके लिए कोई शुल्क नहीं लगता।

6. क्या एक साथ कई इंटर्नशिप के लिए आवेदन किया जा सकता है?

हां, उम्मीदवार एक साथ पांच इंटर्नशिप की तुलना कर सकते हैं और अधिकतम तीन इंटर्नशिप के लिए आवेदन कर सकते हैं।

7. क्या इंटर्नशिप के दौरान बीमा कवर मिलता है?

हां, सभी इंटर्न को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत बीमा कवर मिलता है, जिसका प्रीमियम सरकार भरती है।

8. भाग लेने वाली कंपनियों का चुनाव कैसे होता है?

कंपनियों का चुनाव उनके पिछले तीन साल के CSR खर्च के आधार पर किया जाता है, और कॉरपोरेट अफेयर्स मंत्रालय की मंजूरी के बाद अन्य कंपनियां भी इसमें शामिल हो सकती हैं।

9. क्या इंटर्नशिप के बाद स्थायी नौकरी की गारंटी मिलती है?

नहीं, यह एक प्रशिक्षण और अनुभव आधारित इंटर्नशिप कार्यक्रम है, स्थायी नौकरी की कोई गारंटी नहीं होती, हालांकि इससे मिला अनुभव और प्रमाणपत्र भविष्य में नौकरी पाने में काफी मदद करता है।

निष्कर्ष

PM इंटर्नशिप स्कीम भारत के युवाओं के लिए पढ़ाई और नौकरी के बीच के फासले को पाटने वाला एक मजबूत जरिया बन चुकी है। स्टाइपेंड को बढ़ाकर 9,000 रुपये करने और आयु सीमा को 18 से 25 वर्ष तक विस्तारित करने जैसे हालिया बदलावों ने इस योजना को पहले से कहीं ज्यादा समावेशी बना दिया है। 340 से ज्यादा कंपनियां और 31 से ज्यादा सेक्टर इसमें शामिल होने से उम्मीदवारों के पास अपनी रुचि के मुताबिक इंटर्नशिप चुनने के भी ज्यादा विकल्प मौजूद हैं।

जो युवा इस योजना की पात्रता पूरी करते हैं, उन्हें बिना देरी किए आधिकारिक पोर्टल pminternship.mca.gov.in पर जाकर पंजीकरण कर लेना चाहिए। चूंकि अब यह योजना रोलिंग मॉडल पर काम करती है, इसलिए किसी एक तय अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय जैसे ही कोई उपयुक्त इंटर्नशिप दिखे, तुरंत आवेदन कर देना ही समझदारी होगी। यह अनुभव न सिर्फ रिज्यूमे को मजबूत बनाता है, बल्कि आगे चलकर बेहतर करियर की नींव भी रखता है।

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